मंगलवार, 11 अगस्त 2020

बुरी आदत से छुटकारा कैसे पाएं-Buri aadat se chutkara in hindi

Buri aadat se chutkara in hindi

अपनी कुछ बुरी आदतों पर विजय पाना सचमुच एक बहुत बड़ा चैलेंज है। कितनी भी बातें कर लो लेकिन उससे छुटकारा पाना कई बार असंभव हो जाता है। क्योंकि कई बार यह सारे सिग्नल हमारे अवचेतन मन सबकॉन्शियस माइंड का हिस्सा बन चुके होते हैं। और किस तरह फिट हो चुके होते हैं। इनसे बाहर आने का कोई जरिया नहीं होता। दोस्तों अल्बर्ट  इंस्टेंन कहा करते थे कोई भी समस्या चेतना के स्तर पर रहकर नहीं हल की जा सकती।

Buri aadat se chutkara in hindi

जिस पर वो उत्पन्न हुई है वह कितनी सटीक बात कही थी। उन्होंने अगर आपको किसी समस्या को ठीक करना है तो आप उसी जगह खड़े होकर नहीं कर सकते। वहां से अलग स्तर पर आना ही पड़ेगा। लेकिन दोस्तों अगर हम आपको इसका उपाय ना बता पाए तो हमारे होने का क्या फायदा। इसलिए आज हम कुछ बातें आपको बताएंगे जहां से आपकी वह बुरी आदतें ठीक भी हो सकती हैं।

दोस्तों आज का जमाना वह नहीं रहा जहां हम पहले की तरह योग ध्यान जैसे काम करते हो। और हमारे आसपास हर जगह ध्यान भटकाने वाली चीजें ज्यादा होती है। इसलिए भी हम अपनी आदतों पर कंट्रोल नहीं कर पाते। लेकिन ऐसा तो नहीं कि सिर्फ आपके साथ ऐसी परेशानी हो। बड़े-बड़े ऐतिहासिक पुरुषों के साथ भी कुछ ऐसी परेशानियां रही हैं। लेकिन एक जबरदस्त इच्छा शक्ति के आगे दुनिया की कोई बुरी आदत टिक नहीं सकती।

Buri aadat se chutkara in hindi

यह बात उस समय की है जब स्वामी राम तीर्थ जी कॉलेज जाया करते थे। जिस रास्ते से वो कॉलेज जाया करते थे। उसी रास्ते में एक आदमी प्रतिदिन अपनी दुकान लगाया करता था। सुबह-सुबह उस दुकान पर गरम जलेबी और नाश्ता देखकर रामतीर्थ का जीता मन जलेबी खाने पर लग जाता था। लेकिन गरीबी स्थिति होने की वजह से रामतीर्थ जी के पास ज्यादा पैसे तो नहीं रहते थे। लेकिन वह मन के बड़े संयमित है। वह मन की कमजोरी को समझ चुके थे।

और वह इस कमजोरी से छुटकारा पाना चाहते थे। आखिर एक दिन उन्होंने जलेबी के लिए पैसे जुटा लिए और जलेबी खरीदी। जलेबी लेकर घर आ गए एक धागे में पिरो कर उसे लटका दिया। खाया नहीं इस तरह कठोर चुनौती देकर स्वामी रामतीर्थ जी ने अपने मन को मजबूत किया। जब वह खाने लायक नहीं रही तो उन्होने कीड़े मकोड़ों को डाल दी। इसे कहते हैं मन की चुनौती देकर ठीक करना। किसी भी बुरी आदत को ठीक करने के लिए हमारी इच्छा शक्ति का होना बहुत जरूरी है।


शनिवार, 8 अगस्त 2020

दौडने के 10  जबरदस्त फायदे- Morning running ke fayde in hindi

 

Morning running ke fayde in hindi

दोस्तों हर रोज दौड़ लगाने से आश्चर्यजनक स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। जो लोग रोजाना दौड़ लगाते हैं। उनका शरीर आमतौर पर काफी ज्यादा स्वस्थ होता है। आज मैं आपको दौड़ लगाने से होने वाले 10 फायदों के बारे में बताने जा रहा हूं। 

1. दौड़ लगाने से दिल मजबूत बनता है। और दिल की सेहत में सुधार होता है। जो लोग रनिंग करते हैं। उनके दिल की दीवारें ज्यादा मजबूत होती हैं। और उनका दिल हर बार धड़कने पर ज्यादा मात्रा में खून पंप करता है। अपने दिल को अच्छी हालत में रखने के लिए रनिंग सबसे बेहतरीन तरीका है। दौड़ लगाने वालों का दिल ज्यादा अच्छे ढंग से काम करता है। और ऑक्सीजन को ज्यादा अच्छे तरीके से शरीर के सभी हिस्सों तक पहुंचाता है। दौड़ लगाने वालों को दिल की बीमारियां होने का खतरा कम होता है।


2. दौड़ लगाने से ख़ुशी का एहसास होता है। जिससे मूड में सुधार होता है। दौड़ लगाने से शरीर में फीलगुड हारमोंस निकलते हैं। जिससे खुशी का एहसास होता है। दौड़ लगाने से पहले आप कैसा भी महसूस कर रहे हो लेकिन दौड़ लगाने के बाद आपको खुशी का अहसास जरूर होता है। कुछ लोग सिर्फ ख़ुशी का एहसास पाने के लिए दौड़ लगाते हैं। डॉक्टर भी डिप्रेशन का इलाज करने के लिए रोगियों को दौड़ लगाने की सलाह देते हैं।


3. दौड़ लगाने से जोड़ मजबूत बनते हैं। दौड़ लगाने से जोड़ खराब नहीं होते। बल्कि मजबूत होते हैं। सैर करने वालों के मुकाबले जो लोग दौड़ लगाते हैं उनके घुटनों के जोड़ खराब होने का खतरा सैर करने वालों की तुलना में 50℅ कम होता है। दौड़ लगाते समय जब भी पैर धरती पर पड़ता है तो मांसपेशियों के साथ-साथ हड्डी और कार्टिलेज के ऊपर भी दबाव पड़ता है। और इनमें एक सफरिंग जैसा प्रभाव पैदा होता है। इससे हड्डियां और जोड़ मजबूत बनते हैं। यह प्रभाव पैदल चलने पर पैदा नहीं होता। इसलिए पैदल चलने की तुलना में रनिंग करने से जोड़ और हड्डियां ज्यादा मजबूत बनते हैं। 


Morning running ke fayde in hindi

4. दौड़ लगाने से ज्यादा कैलोरीज जलती है। दौड़ लगाने के लिए बहुत सारी ऊर्जा की जरूरत होती है। इसलिए दौड़ लगाने से बहुत सारी कैलोरीज जलती हैं। ज्यादा तेज दौड़ने से ज्यादा कैलोरी जलती है। चढ़ाई पर दौड़ने से ज्यादा कैलोरी जलती है। और हवा के विरुद्ध दौड़ने से ज्यादा कैलोरी जलती है। एक एवरेज के अनुसार दौड़ने पर 1 मिनट में 11 कैलोरी जलती है। और पैदल चलने पर 1 मिनट में सिर्फ 6 कैलोरीज ही जलती है। इसलिए जो लोग ज्यादा कैलोरी जलाना चाहते हैं उन्हें पैदल चलने की बजाए दौड़ना चाहिए। दौड़ने से आपका वजन ज्यादा तेजी से कम होता है। 


5. दौड़ लगाने से टांगे मजबूत बनती है। दौड़ लगाने से टांगों की सभी मांसपेशियों की कसरत होती है। रनिंग करने से इनर थाई मसल्स और आउटर थाई मसल्स मजबूत बनते हैं। थाई के आगे वाले मसल्स और पीछे वाले मसल्स भी मजबूत बनते हैं। रनिंग करने से पिंडलियों भी मजबूत बनती है। इस प्रकार रनिंग करने से पूरी टांगे होती हैं। 


6. दौड़ लगाने से कोर मसल्स मजबूत बनते हैं। कोर मसल्स वे होते हैं जो शरीर के ऊपर वाले हिस्से को नीचे वाले हिस्से से जोड़ते हैं। जैसे पेट और पीठ के नीचे वाले हिस्से में मौजूद मसल्स। इनमें वे मसल्स भी शामिल होते हैं जो शरीर के अंदर होते हैं। और जिन्हें हम बाहर से नहीं देख सकते। यह मसल्स खाने को आगे बढ़ाने का काम करते हैं। रीड की हड्डी को अंदर से सपोर्ट देते हैं। और बाहों की मूवमेंट और टांगों की मूवमेंट को संभालने का काम करते हैं। यह मसल्स बॉडी को स्टेबिलिटी देते हैं। और रनिंग करने से यह सभी मसल्स मजबूत बनते हैं। इस तरह रनिंग कोर मसल्स को मजबूत करने का सबसे बेहतरीन तरीका है।


7. दौड़ लगाने से खतरनाक बीमारियों के होने का खतरा कम होता है। बहुत सारी गंभीर बीमारियों के होने का मुख्य कारण होता है। किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी करना करना और रनिंग एक बहुत ही जबरदस्त फिजिकल एक्टिविटी है। रनिंग करने से इन्सुलिन सेंसटिविटी बढ़ती है। इंसुलिन के प्रति संवेदनशील बनती है। जिसे ज्यादा इंसुलिन की जरूरत नहीं पड़ती रनिंग करने से ब्लड प्रेशर नार्मल होता है। और खून में चर्बी की मात्रा कम होती है। रनिंग करने से मोटापे का खतरा कम होता है। डायबिटीज का खतरा कम होता है। रनिंग करने से उम्र लंबी होती है। इसलिए जो लोग रनिंग कर सकते हैं उन्हें रनिंग जरूर करनी चाहिए। 



8. दौड़ लगाने से त्वचा सुंदर बनती है हमारे शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस की वजह से त्वचा को नुकसान पहुंचता है। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को आप इस तरह से समझ सकते हैं। जैसे जब सेब को काट कर छोड़ दिया जाता है तो वह ऊपर से काला हो जाता है। क्योंकि उसकी ऑक्सीडेशन होती है। ठीक इसी प्रकार से हमारी त्वचा की भी ऑक्सीडेशन होती है। लेकिन हमारा शरीर इस ऑक्सीडेशन से हमारी रक्षा करता है। यह हमारे अंदर नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स बनाता है। जो इस ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया को धीमा करते हैं। जब शरीर के अंदर रक्षा करने वाला यह सिस्टम धीमा पड़ जाता है तो त्वचा को नुकसान पहुंचता है। और त्वचा के ऊपर झुरिया पैदा होती है। दौड़ लगाने से शरीर का रक्षा करने वाला सिस्टम सक्रिय होता है। और शरीर में नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स ज्यादा मात्रा में बनते हैं। इसे त्वचा समय से पहले बूढ़ी नहीं होती। रनिंग करने से त्वचा की कोशिकाओं तक खून का प्रवाह तेज होता है। जिससे त्वचा को ज्यादा पोषक तत्व मिलते हैं। इससे त्वचा देखने में सुंदर लगती है।


9. दौड़ लगाने से दिमाग तेज होता है। और याददाश्त बढ़ती है। दौड़ लगाने से धड़कने की गति तेज होती है। इससे दिमाग में ज्यादा खून पहुंचता है। दिमाग में ज्यादा खून पहुंचने से दिमाग को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है। दिमाग को ज्यादा ऑक्सीजन मिलने से दिमाग की काम करने की शक्ति बढ़ती है। दौड़ लगाने से शरीर में हार्मोन का उत्पादन होता है। जो दिमाग की कोशिकाओं की ग्रोथ को बढ़ाते हैं। गंभीर बीमारियां  भी दिमाग को नुकसान पहुंचाती है। और दौड़ लगाने से गंभीर बीमारियों के होने का खतरा कम होता है। दौड़ लगाने से दिमाग के डिपो कैंपस नाम के हिस्से का साइज बड़ा हो जाता है। दिमाग का यह हिस्सा नई चीज़ों को सीखने और याददाश्त के लिए जरूरी होता है। इस हिस्से का साइज बड़ा होने से नया सीखने की काबिलियत बढ़ती है। और याददाश्त बढ़ती है। दौड़ने का फायदा उम्र बढ़ने पर काफी ज्यादा होता है। क्योंकि उम्र बढ़ने पर आमतौर पर यादाश्त कम होती है। लेकिन अगर कोई लगातार दौड़ लगाता रहेगा तो वह लंबे समय तक अपनी याददाश्त को सही रख पाएगा।


10. दौड़ लगाने से आपको गहरी नींद आती है। और आप रिलैक्स महसूस करते हैं। दौड़ लगाने से थकान होती है। मांसपेशियों को बहुत ज्यादा काम करना पड़ता है। जिसकी वजह से वह थक जाती हैं। शरीर इस थकान को दूर करने के लिए और शरीर की रिपेयर करने के लिए गहरी नींद में जाने की कोशिश करता है। क्योंकि नींद के दौरान ही थकान दूर होती है। और शरीर की रिपेयर होती है। इसलिए दौड़ लगाने से रात को गहरी नींद आती है। जब आप दौड़ते हैं तो शरीर का तापमान बढ़ता है। और जब आप सोते हैं तो शरीर का तापमान कम होता है। तापमान में आए इस बदलाव की वजह से दिमाग रिलैक्स महसूस करता है। इसकी वजह से भी आपको गहरी नींद आती है।



शुक्रवार, 7 अगस्त 2020

रात में दूध के साथ 2 चीजें 90 साल तक कोई बिमारी नही

रात में दूध के साथ 2 चीजें 90 साल तक कोई बिमारी नही

स्वास्थ्य और लंबा जीवन जीने के लिए हेल्दी चीजों का सेवन बहुत ही जरूरी है। इसके अलावा खाने-पीने की टाइमिंग भी होनी चाहिए। जी हां अगर आप अक्सर हेल्थी चीजों का सेवन करते हैं। और फिर भी बीमार रहते हैं। कमजोर रहते हैं। तो संभव है कि आपके खाने पीने का समय ठीक नहीं है। आयुर्वेद में भी बताया गया कि हर चीजें खाने का समय होता है।


अगर कुछ चीजों को सही समय पर खाएंगे। बहुत ज्यादा फायदा पहुंचाती है। आज हम आपको बता रहे हैं। रात को सोने से पहले आपको किन किन चीजों का सेवन करना चाहिए। ताकि आपका शरीर ताकतवर बना रहे। और आपको और आपके परिवार को कोरोनावायरस जैसी बीमारियों से बचने में मदद मिल सके। 

1. गुड, अदरक और तुलसी

रात को सोने से पहले गुड, अदरक और तुलसी के पत्तों का काढ़ा बनाकर पीने से आप को गले में खराश और खांसी की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। जी हां अगर आपको गले में खराश है। छाती पर बलगम जमा है। खासी की समस्या है सर्दी की समस्या है। तो आप इसका काढ़ा बनाकर पीजिए। आपको गुड, अदरक और तुलसी का इस्तेमाल करना है। इसके अलावा जिन लोगों के शरीर में खून की कमी है। उन्हें गुड़ का सेवन करना चाहिए। क्योंकि गुड़ में आयरन ज्यादा मात्रा में होता है। जो आपके खून की कमी को पूरा करता है।


गुड हिमोग्लोबिन की कमी को सुधारने में हेल्प करता है। गुड में काफी मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है। जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। तो जिन लोगों को ब्लड प्रेशर की समस्या है। वह भी गुड का इस्तेमाल करें। और और साथ ही इस काढ़े का भी सेवन करें। इसके अलावा यदि आपको कब्ज की समस्या है। पाचन की समस्या रहती है।


डायसन की समस्या रहती है तो आप खाना खाने के बाद गुड़ का एक टुकड़ा खा लिया करो। इससे आपको कब्ज की समस्या नहीं होगी। और रात को सोने से पहले यदि गर्म पानी के साथ गुड़ का सेवन करते हैं। तो उससे आपका लीवर भी हेल्दी रहता है। 


रात में दूध के साथ 2 चीजें 90 साल तक कोई बिमारी नही

2. दूध और हल्दी

हल्दी एंटीबैक्टीरियल की तरह काम करता है। हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद है और दूध और हल्दी मिलाकर पीना। कई बीमारी को दूर भगाता है। अगर आपको शुगर की समस्या है। तो यह उपाय रामबाण की तरह काम करेगा। दूध में हल्दी मिलाकर पीने से शुगर की मात्रा कम होती है। इसके अलावा अगर आपको हड्डियों में दर्द जोड़ों में दर्द कमर में दर्द है। हमेशा बना रहता है चेहरा को रुखा हो गया है। खराब हो गया। तो समझिए शरीर में कैल्शियम की कमी है। और यह हल्दी वाला दूध कैल्शियम की कमी को पूरा करता है।


साथ ही साथ शरीर में अगर सूजन हो गया हो तो भी आप इस हल्दी वाले दूध का सेवन कीजिए। इससे आपकी हड्डियां मजबूत होगी। जोड़ों के दर्द, घुटनों के दर्द, कमर की दर्द की समस्या से आपको छुटकारा मिल जाएगा। इसके अलावा क्या है हल्दी वाला दूध हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाता है। अगर आप बार-बार बीमार पड़ जाते हो या फिर आपके बच्चे बार-बार बीमार पड़ जाते हो। हल्दी वाला दूध जरूर पीने को दें। वैसे अभी बारिश का मौसम चल रहा है। और बारिश का मौसम होता है।


दोस्तों का बीमारियों का मौसम है। इस मौसम में वायरस बहुत तेजी से फैलते हैं। तो जिनका इम्यूनिटी कमजोर है तो उन्होंने बीमारियां और वायरस जल्दी लग जाते हैं। तुम करोना काल में यह भी जरूरी है कि हमारी इम्यूनिटी मजबूत रहे तो इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए यह हल्दी वाला दूध बहुत ही कारगर है। इसे जरूर पिए और बच्चों को भी पिलाएं।

रात में दूध के साथ 2 चीजें 90 साल तक कोई बिमारी नही

3. लहसुन

दोस्तों लहसुन में एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं यदि आप रोजाना लहसुन की एक कली का भी सेवन करते हैं तो आपको सर्दी जुखाम बुखार जैसी समस्याओं से बचाने में मदद करता है। क्योंकि इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। लहसुन में एंटी ऑक्सीजन गुण मौजूद होता है। जिसकी वजह से यह कैंसर को भी खत्म करने की क्षमता रखता है।


यदि कोई व्यक्ति रोजाना लहसुन की एक कली खाकर सोता है तो उसे कैंसर होने की संभावना बहुत ही कम होती है। लहसुन में पोटेशियम फास्फोरस प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं। यह आपकी हड्डियों को मजबूत करते हैं। यदि आप प्रतिदिन रात को एक लहसुन की कली का सेवन करते हैं। तो आपकी हड्डियों से जुड़ी समस्याएं दूर रहती है। आपकी हड्डियों में दर्द नहीं होता है। और हड्डियां दांत मजबूत होते हैं तो वहीं यह जोड़ों के दर्द से भी छुटकारा दिलाने में आपकी मदद करता है।

4. दूध और अखरोट

अखरोट बने दूध में मुनक्का बादाम और केसर मिलाकर पीने से पुरुषों की अंदरूनी कमजोरी दूर होती है। अखरोट वाला दूध बनाने से पहले आप 5 से 6 घंटे के लिए पानी में भिगो कर रखें। आप चाहे तो उसमें बादाम भी ऐड कर सकते हैं। रात को अखरोट और बादाम को पीसकर दूध में मिला लीजिए। और दूध को अच्छी तरह से उबाल लो। और फिर गैस को बंद कर दीजिए।


बाद में गुनगुना करके इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर पी लीजिए। दोस्तों यह इतना ताकतवर चीज है। अगर आपने लगातार इसका 15 दिनों तक सेवन कर तो आपकी सारी अंदरूनी कमजोरियां जड़ से खत्म हो जाएगी। आपका वीर्यबल बढ़ जाएगा। आप पूरे दिन एनर्जेटिक फील करोगे। जोश इसटाइमना कई गुना यह चीज बढ़ा देगी। तो जो लोग कमजोरी से परेशान है। आलस थकान हमेशा पूरे दिन लगा रहता है। काम में मन नहीं लगता।


तो वे लोग इस दूध का सेवन जरूर करें। इसका सेवन पुरुष महिला बूढ़े बच्चे सभी लोग कर सकते हैं। यह किसी भी प्रकार का कोई भी नुकसान नहीं देगा। बल्कि आपको फायदा ही फायदा करेगा। आप चाहे तो इस दूध में चुटकी भर हल्दी भी मिला सकते हैं।



यह 5 आदतें हमारी सफलता को हमारी मंजिल तक ले जाती हैं

यह पांच आदत है हमारी सफलता को हमारी मंजिल तक ले जाती हैं

1. सुबह जल्दी उठना

भारत की संस्कृति में हमारे गुरुकुल के पिरामिड के आधार में प्रथम सूर्योदय से पहले यानी कि 4:00 बजे 5:00 बजे उठने की प्राचीन परंपरा रही है। जिसके अनेकों लाभ है। प्रथम जब हम 4:00 से 5:00 के बीच में होते हैं। तो हमारी रचनात्मकता का इस तरह सबसे अधिक होता है। ज्ञान का अर्जन गर्मी के लिए यह समय सबसे अच्छा होता है। मनोवैज्ञानिक बताते हैं कीमन की जो ऑब्जरवेशन पावर है। उस समय सबसे अधिक होती है।


सूर्योदय से 2 से ढाई घंटे पहले की समय भारत की संस्कृति में अमृतवेला ब्रह्म मुहूर्त कहा जाता है। यह हमारा हाईएस्ट एनर्जी टाइम होता है। इस समय साइलेंट होने की संभावना है। यदि विद्यार्थी करते हैं तो हमें अपनी मेहनत करनी पड़ती है। रिजल्ट सूर्योदय के पूर्व हमारा मस्तिष्क बहुत ही होता है। उस दौरान जो सकारात्मक बीज हम डालते हैं। चाहे भी हमारी आध्यात्मिक प्रगति की है अथवा बेहतर जीवन के लिए।


यदि हमारे अच्छे हैं ज्यादा से ज्यादा अंकुर के रूप में कुछ महीनों के अंदर ही हमको हमारे जीवन को सौंदर्य प्रदान करने लगते हैं। सुबह सतोगुण का प्रभाव सबसे ज्यादा होता है। दिन निकलते निकलते राजू गुड़ की प्रधानता आने लगती है। और रात्रि आते-आते तमोगुण की प्रधानता हो जाती है।


सुबह सूर्योदय के पूर्व मेजॉरिटी सोई रहती है। उस वक्त नकारात्मक विचारों का प्रवाह वायुमंडल में दिन की अपेक्षा बहुत कम होता है। उस वक्त हम ध्यान सकारात्मक चिंतन अध्ययन यह सब करना हमारे लिए श्रेष्ठ कर होता है। इसके बाद जो जीवन का दूसरा पहलू है।

यह पांच आदत है हमारी सफलता को हमारी मंजिल तक ले जाती हैं


2. समय निर्धारण

सर जो पिक ने कहा है कि सुनियोजित समय सुनियोजित मस्तिष्क का प्रतीक है। समय हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। समय निर्धारण के बिना हमारे लक्ष्य हमारी निश्चय आत्मक सोच हमारे सपनों को पूरा होने में एक अवरोध खड़ा कर दी है। हमारे जीवन को शिखर पर ले जाने वाले पंख समय ही होती है। बहुत बार हम जवानी में सोचते हैं कि अभी बहुत समय है आगे कर लेंगे। एक कहावत कही जाती है।


कि काश जवानी समझ पाती का शुद्ध फागण समय निर्धारण न कर पाने के कारण हम जो करना चाहते हैं। वह चलता चला जाता है और एक दिन बुढ़ापा आ जाता है। और फिर जीवन की शाम ढल जाती है। और हम निराशा के अंधेरे में खो जाते है। जीवन में महानता को प्राप्त करते हैं एक असाधारण जीवन के निर्माण को मूर्त रूप देते हैं। असफल व्यक्तियों से क्यों चीज में प्रथम करती है। वह उनका समय का सदुपयोग करने का तरीका समय का सदुपयोग हमें करना चाहिए।


क्योंकि दुनिया में बहुत कुछ दोबारा लौट सकता है। परंतु समय नहीं रविवार को हमें पूरे सप्ताह टाइम लॉकिंग करनी चाहिए। पूरे सप्ताह हमें क्या करना है। कब करना है। उसके लिए समय निर्धारण करें। इस बात का हमें अभ्यास करना पड़ेगा। क्योंकि शुरू में कई बार हमारी टाइम लॉकिंग हमारी अनुभव हीनता के कारण आगे पीछे हो धीरे-धीरे हमारी अनुभव से हमारी टाइम टॉकिंग सही होने लगे। 


3. आत्म निरीक्षण

सेल्फ रिफ्लेक्शन सोनीपत उन बातों को जानी जो हमें आगे बढ़ने से रोक रही है। हमें हमारे समृद्ध जीवन उच्चतम आदर्शों एवं हमारे सपनों को पूरा करने में अवरोध बन रही है। उन्हें जाने बिना तुम कैसे आगे बढ़ सकते हैं। अपनी कमजोर कड़ियों को कागज पर लिखो। हमें इस बात पर विचार करने के लिए समय निकालना चाहिए। कि जो हमें हमारे जीवन को महत्वपूर्ण बनाने में ब्रेकर का कार्य कर रही है।


कौन-कौन सी आदत है क्या-क्या है कोई डॉक्टर मरीज का इलाज सही ढंग से तब तक नहीं कर पाता है। जब तक कि उसकी बीमारी को डायग्नोस्टिक लिया जाता बीमारी के कारण को पकड़ में आ जाने के बाद हमारे ठीक होने की संभावनाएं बढ़ जाती है। स्वर्ण नेतृत्व के द्वारा हम अपने ऊपर स्वामित्व वाली और जवाब स्वामित्व पा लेते हैं। तो आप अपने जीवन में सफलता को प्राप्त करने में जो कमी आती हैं। उन्हें निर्मल होने में ज्यादा समय नहीं रखता है।


अपनी आत्मा के पोषण एवं आत्म चिंतन से हम उस स्थान पर पहुंच जाते हैं। जहां जीवन की संपन्नता विकास आनंद को आया मिलता है। हमें अपना किसको बनाना चाहिए। रिजल्ट्स को बनाकर चिंतन करना चाहिए। हम जो कार्य कर रहे हैं उसका रिजल्ट कितना आ रहा है। अगर हमारा अच्छा है तो अच्छा हो जाएगा हमें अपनी सफलता के लिए आत्म चिंतन करना होगा।

यह पांच आदत है हमारी सफलता को हमारी मंजिल तक ले जाती हैं


4. कार्यों को बांटना

एक व्यक्ति अगर चाहे कि वह पूरी कार स्वयं बनाएगा। और फिर उस पर यात्रा करेगा। तो संभवत उस कार को बनाने में जीवन का बहुमूल्य समय गुजर जाएगा। वह उसका आनंद कब लेगा। हम रेस्टोरेंट जाते हैं ऑर्डर डिलीवर करते हैं। दूसरा उस आर्डर पर वर्क करता है। तब हम डिनर का लंच का आनंद ले पाते है। हमें अपने जीवन में बहुत से ऐसे काम है जो डेलिकेट करने पड़ते हैं सही व्यक्तियों के हाथों में चाहे वह विद्यालय हो चाहे वह कंपनी हो।


चाहे वह एक भव्य इमारत हर एक में 13 वर्क होता है। बेहतर टीम वर्क को खड़ा करना एक अच्छे कप्तान का हुनर है। यदि हम अच्छे व्यक्तियों के हाथों में कामों का वितरण उसे डिलीट कर देते हैं। तो परिणाम जल्दी और अच्छे मिलते हैं। जो हमारी सफलता में एक बड़ा फ्यूल का कार्य करती है।

5. लर्निंग

हमें हमेशा सीखते रहने की आदत डालनी चाहिए। अपने जीवन के हर दिन में हमको लगातार विद्यार्थी बनी रहने का हुनर आना चाहिए। 45 मिनट 5 मिनट जीवन में बिना रुके प्रतिदिन हमें सीखते रहना है। वह चाहे आपका व्यवसाय हो। यह जीवन की सर्जनशीलता हो। हम जब तक सीखते रहते हैं तब तक हम विद्यार्थी ही रहते हैं। जिस दिन हमारा सीखना रुक जाता है


उसी दिन से हम रोता को प्राप्त करने लगते हैं। यदि हम नया सीखने की भूख बनाए रखते हैं तो हमारे जीवन में जोश उत्साह उमंग ताजगी बनी रहती है। परंतु हम विद्यार्थी बने रहते हैं। स्टीव जॉब्स ने कहा मैंने अपने जीवन में सूत्र को पकड़ा स्टे हंगरी स्टे फूलिश ज्ञान के हमेशा भूखे रहो। और स्वयं यही समझो कि हमें अभी बहुत कुछ जानना है। सुकरात का एक वाक्य आई नो वन थिंग दैट आई नो नथिंग हमेशा याद रखो। इसे हमको निरंतरता के साथ पूरा करने के लिए संकल्प बंद होना चाहिए।


निरंतरता हमारी सफलता की जननी है इस सूत्र को फिर दोहराव निरंतरता हमारी सफलता की जननी है। जीवन की प्रवर्तन संभावनाओं को बढ़ाने के लिए पांच बातें हमें हमेशा ध्यान में रखनी होगी। सुबह जल्दी उठना, टाइम टॉकिंग, आत्मनिरीक्षण, आत्मचिंतन, कार्यों को बांटना, सही व्यक्तियों के हाथों कम से कम 45 मिनट के लिए विद्यार्थी बनना



मंगलवार, 4 अगस्त 2020

गर्म पानी पीने के फायदे- Garam pani peene ka fayda

Garam pani peene ka fayda

पानी हमारी जिंदगी का एक हिस्सा है। क्योंकि हमारे शरीर की बनावट से लेकर सभी शरीर की क्रिया करने के लिए पानी की जरूरत होती है। बिना पानी के लंबे समय तक जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। फिर चाहे जानवर कोई इंसान या पेड़ पौधे सभी को जीवित रहने के लिए पानी की आवश्यकता होती है। क्या आपको पता है कि इंसान का शरीर 70% पानी से मिलकर बना है। एक स्वस्थ जीवन व्यतीत करने के लिए जरूरी है कि इंसान दिन भर में अपने शरीर के वजन का 5% पानी जरूर सेवन करें।


यानी अगर आपके शरीर का वजन 70 किलो है तो आपको दिन भर में 3.5 लीटर पानी पीना चाहिए। अगर आपका वजन 100 किलो है तो आपको 5 लीटर पानी का सेवन कर लेना चाहिए। ताकि आपके शरीर में सभी क्रियाएं अच्छे से हो सके। और आप एक निरोगी व स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकें। आपने सुना होगा कि गर्म पानी का सेवन करना हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होता है। लेकिन क्या आपको पता है कि अगर हम नियमित मात्रा में रोजाना गर्म पानी का सेवन करते हैं तो ऐसे में यह हमारे शरीर में एक दवाई की तरह काम करता है।


और छोटी-मोटी बीमारियों से लेकर बड़ी-बड़ी गंभीर बीमारियों में भी गर्म पानी अपना असर दिखाता है। आज हम बात करने वाले हैं कि अगर कोई व्यक्ति पूरा दिन जब भी प्यास लगे अगर वह गर्म पानी का सेवन करता है तो उसके शरीर में से क्या-क्या फायदे हो सकते हैं।


गर्म पानी पीने के फायदे

मोटापा कम करें। मोटापा हमारे शरीर पर जितनी जल्दी आ जाता है उसे अपने आप से दूर करना उतना ही आसान नहीं होता। कभी-कभी तो कई महीने लग जाते हैं। लेकिन फिर भी कोई आराम नहीं मिलता। लेकिन क्या आपको पता है कि हमारे शरीर से मोटापा बहुत ही कम समय में गायब हो सकता है। जी हां पानी कर सकता है। क्योंकि गर्म पानी का सेवन करने से हमारे शरीर में मेटाबॉलिज्म बढ़ने लगता है। जिसके कारण हमारा शरीर कम मेहनत में ज्यादा काम करता है। जिसके कारण तेजी से आपका मोटापा कम होने लगता है। इसलिए अगर आप भी मोटापे से परेशान है और उसे कम करना चाहते हैं तो इसका नियम बना ले कि जब भी आपको लगे आप ने हल्का गुनगुना गर्म पानी पीना है। इससे आपका मोटापा धीरे-धीरे कम होने लगेगा।


Garam pani peene ka fayda

पाचन तंत्र में गर्म पानी के फायदे

गर्म पानी का सेवन करना न सिर्फ हमारी प्यास को बुझाने का काम करता है बल्कि यह हमारे द्वारा खाए हुए खाने को पचाने का काम भी करता है। अगर आप खाना खाने के 15 मिनट बाद एक गिलास गर्म पानी का सेवन करते हैं तो इससे खाना हमारे शरीर में अच्छे से बचने लगता है। और पूरा दिन अगर हम गुनगुने पानी का सेवन करते हैं तो ऐसा करने से आपकी पाचन से संबंधित सभी समस्याएं समाप्त हो जाती है। इसलिए अगर आप पाचन तंत्र की कमजोरी के कारण परेशान है। आपका खाया पिया नहीं लगता है। आपके शरीर में खाना अच्छे से नहीं पचता तो आप दिनभर में गर्म पानी का सेवन करें। आपकी सभी समस्याएं जड़ से समाप्त हो जाएंगी।

 

ब्लड सरकुलेशन में गर्म पानी के फायदे

बहुत से लोगों को ब्लड सरकुलेशन की समस्या होती है। ऐसे में खून की गति यानी ब्लड सरकुलेशन को बढ़ाने में गर्म पानी बहुत मदद करता है। ब्लड सरकुलेशन को ठीक रखकर इंसान कई तरह की बीमारियों से बचा रह सकता है। इसलिए अगर आपको भी ब्लड सरकुलेशन की समस्या है तो आप गर्म पानी का सेवन करें। ऐसा करने से आप कई तरह की बीमारियों से बचे रह सकते हैं। 


जोड़ों के दर्द में गर्म पानी के फायदे

जोड़ों के दर्द में गर्म पानी फायदेमंद होता है। क्योंकि गर्म पानी जोड़ों को चिकना बनाता है। और जोड़ों के दर्द को भी कम करता है। क्या आपको पता है कि इंसान की मांसपेशियां 80% पानी से बनी हुई होती हैं। इसीलिए गर्म पानी पीने से मांसपेशियों की ऐंठन दूर हो जाती है। इसलिए जब इंसान को जोड़ों में दर्द रहता है या मांसपेशियों की समस्याएं रहती है तो गर्म पानी पीना चाहिए।


बालों और त्वचा के लिए गर्म पानी के फायदे

गर्म पानी का सेवन बालों और त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके निरंतर सेवन से बाल चमकदार बनते हैं। और यह बालों की ग्रोथ के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। इसके साथ-साथ अगर आपको त्वचा के रोग जैसे कील, मुंहासे है या किसी भी अन्य तरह की त्वचा की बीमारी है तो उसमे गर्म पानी रामबाण की तरह काम करता है। इसलिए आपको भी बाल मजबूत बनाने हैं। तो आप दिनभर गर्म पानी का सेवन ही करें। 


Garam pani peene ka fayda

शरीर से विषैले पदार्थ निकालने में गर्म पानी के फायदे

गर्म पानी पीने से शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकलने में मदद मिलती है। अगर आप भी शरीर से अशुद्धियों को बाहर निकालना चाहते हैं तो दिन भर में गर्म पानी पिए। क्योंकि जब भी आप गर्म पानी पीते हैं तो इससे आपके शरीर का तापमान बढ़ता है। जिसके कारण आपको पसीना आने लगता है। जिससे आपके शरीर की अशुद्धियां बाहर निकलने लग जाती हैं। और और जब आप पूरे दिन गर्म पानी का सेवन करते हैं तो पेशाब ज्यादा आता है। जिसके कारण आपके शरीर की अंदरूनी सफाई हो जाती है।


सर्दी जुखाम में गर्म पानी के फायदे

अगर आपको भी मौसम में छाती में जकड़न और जुखाम की समस्या रहती है तो गर्म पानी पीना आपके लिए रामबाण से कम नहीं है। इसके साथ साथ गर्म पानी पीने से हमारा गला भी ठीक रहता है। इसलिए जब कभी भी आपको सर्दी जुखाम की समस्या हो तो आपको गर्म पानी का सेवन जरूर करना चाहिए।

दोस्तों अब तक आप जान ही चुके होंगे कि अगर आप पूरा दिन गर्म पानी का सेवन करते हैं तो इससे आपको क्या-क्या फायदे हो सकते हैं। दोस्तों अगर आपको भी फायदा उठाने है तो आप नियमित रूप से गर्म पानी का सेवन करें। यह आपके शरीर के लिए फायदेमंद रहेगा।


शुक्रवार, 31 जुलाई 2020

सिर दर्द के कारण, लक्षण, इलाज और घरेलू उपाय - sir dard kyu hota hai in hindi
sir dard kyu hota hai in hindi

हेलो दोस्तों नमस्कार आज हम आप लोगों को बताने वाले हैं एक ऐसे जबरदस्त घरेलू नुस्खे के  बारे मे जिससे आपके सिर दर्द की समस्या 5 सेकंड में जड़ से खत्म हो जाएगी।

1. सिर दर्द की समस्या 

सिर दर्द एक आम समस्या है। शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द हो सकता है। यह दर्द केवल लक्षण होता है जो कि सिर की किसी बीमारी को दर्शाता है। कई बार बहुत ज्यादा तनाव की समस्या जैसे बुखार या जुखाम के कारण सिर दर्द हो सकता है। सिर का दर्द दिमाग में मौजूद सेंसेटिव स्ट्रक्चर मैं तनाव होने से होता है। सिर और गर्दन में ऐसी नौ जगह होती है जहां पेन सेंसिटिव स्ट्रक्चर होते है।

जैसे मांसपेशियां, नसे, आंखें, कान, नर्व, आर्टरीज, सबक्यूटेनियस टिस्यू ,साइनस, क्रेनियम और म्यूकस मेंम्ब्रेन ज्यादातर सिर दर्द को पेन किलर खाकर भी ठीक कर लिया जाता है। जबकि कई बार सिर्फ आराम करने या हल्की मसाज से भी सिर दर्द से राहत मिल जाती है। सिर दर्द के कुछ मुख्य प्रकार है जैसे-
1. तनाव लेने से होने वाला सिर दर्द
2. माइग्रेन का दर्द
3. ट्रांसफॉर्म माइग्रेन
4. क्लस्टर सिर दर्द
5. साइनस सिर 

सिर दर्द के आते

1. उच्च रक्त चाप होना
2. कब्ज या दस्त होना
3. ज्यादा शराब पीना
4. तनावग्रस्त होना
5. पेट ठीक ना होना
4. सिर दर्द के कारण

सिर का दर्द दिमाग में रक्त कोशिकाओं और शिराओ के आपस में टकराने से होता है। दर्द के समय रक्त कोशिका की एक निश्चित सिरा की मांसपेशियां सक्रीय होती है। और दिमाग को दर्द का सिग्नल भेजती है। जिससे सिर दर्द महसूस होता है।


5. सिर दर्द के अन्य कारण

जब किसी चीज को लेकर खुद पर दबाव महसूस करता है या किसी स्थित या परिस्थिति को लेकर असमंजस मे होता है। ऐसे मे उसका मन आसान हो जाता है। और दिमाग पर ज्यादा गहरा प्रभाव पड़ता है। जिसके कारण तनाव होता है। और सिर दर्द होने लगता है। दिमाग की रक्त वहिनियों में बदलाव होने से होने वाले दर्द को माइग्रेन का दर्द कहा जाता हैं। इस तरह के सिर दर्द मे सिर के किसी एक हिस्से में चुभन भरा दर्द होता है।

और दर्द के साथ में जी मिचलने, गैस और उल्टी जैसी समस्याएं भी होती है। इतना ही नहीं व्यक्ति फोटोफोबिया रोशनी से परेशानी और फोनोफोबिया शोर से परेशानी से भी परेशानी महसूस करता है। पर्याप्त नींद न लेने, भूखे रहने से या कम पानी पीने से माइग्रेन हो सकता है। कुछ महिलाएं हारमोंस में बदलाव के दौरान गंभीर सिर दर्द महसूस करती है।

या स्थित मोनोपोज मासिक स्त्राव ओवैल्यूशन आदि के दौरान भी हो सकती है। मासिक स्त्राव में उतार चढाव से भी इस तरह का सिर दर्द बना रह सकता है। कुछ खास तरह की दवाइयों का ज्यादा दिन तक लेने के कारण सिर दर्द की समस्या बढ़ सकती है। कई बीमारियां ऐसी होती है जिनमें दवाइयां लंबे समय तक चलती है ऐसे में यह मस्तिष्क को प्रभावित कर सकती है। इस तरह का सिर दर्द दवाइयां बंद होने के साथ खुद ही बंद हो जाता है।

सिर दर्द में सरसों का तेल लगाने से सिर दर्द खत्म हो जाती है। माथे के जिस हिस्से में दर्द हो रहा हो उस हिस्से में नाक पर कुछ बूंदे सरसों के तेल की डाले। और जोर से ऊपर को खींचे आपकाे सिर दर्द से राहत मिल जाएगी। दांत से भी सिर की नसे प्रभावित होती है। दांत और सिर की नसे जबड़े पर जाकर मिलती है। जिससे दांत और सिर एक दूसरे को कनेक्ट करते हैं। जिससे दांत को किसी भी तरह की तकलीफ होने पर सिर में दर्द होने लगता है।

चाय और कॉफी पीने वालों को जो अगर चाय और कॉफी नहीं मिले तो उन्हें सिर दर्द की शिकायत होने लगती है। कुछ लोगों को सुबह उठते ही सिर दर्द की शिकायत होने लगती है। जिनकी कुछ देर बाद यह शिकायत अपने आप ठीक हो जाती है। कई बार रात को सोते समय और या फिर शाम को बिना भोजन किए खाली पेट सोने से सुबह सुबह उठने से या सिर दर्द होने लगता है।

आंखों में किसी तरह की समस्या होने से आंख कमजोर  होने से चश्मा नही पहनने से या कंटेंट लेंस में गड़बड़ी होने से सिर दर्द होने लगता है। ऐसी कोई भी समस्या जिससे आंखों पर पड़ती है। सिर दर्द होने की वजह हो सकती है। ऐसे मे जो अगर कोई व्यक्ति  सिर दर्द से परेशान है तो उसे अपनी आंखों की चेकेप जरूर करवानी चाहिए। कुछ लोगों को आइसक्रीम या कोई भी ठंडी चीज खाने से उनको सिर दर्द की शिकायत होने लगती है।

आइसक्रीम या कोई भी ठंडी चीज खाने से माथे के बीच में भारीपन महसूस होने लगता है। जिससे सिर दर्द शुरू हो जाता है। इस तरह का दर्द आइसक्रीम खाने से तुरंत शुरू हो जाता है।

sir dard kyu hota hai in hindi

सिर दर्द से राहत के लिए टिप्स 

गर्मियों में ठंडे तेल की मालिश करने से सिर दर्द से राहत मिलती है। सिरको हल्के हाथों से दबाकर सिर दर्द से राहत मिल सकती है। संगीत सुनें और गहरी सांस ले। इससे भी सिरदर्द की समस्या खत्म हो जाएगी बादाम और अखरोट जैसे फल हर रोज खाए। इससे तनाव कम हो जाता है। और दिमाग तेज हो जाता है। गर्मी फोटो ठंडा पानी पी और सर्दी हो तो अपने दिमाग को ठंड से बचाकर रखे। चाय या कॉफी पिये। इसमे मौजूद कैफीन से भी सिर दर्द से  राहत मिल सकती है। आजकल तेज भागती  जिंदगी में और व्यस्त जीवनशैली में तनाव और सिर दर्द एक आम बीमारी हो गई है। सिर दर्द के बहुत से कारण होते हैं। 

सिर दर्द के घरेलू नुस्खे 

सिर दर्द में सरसों का तेल लगाना चाहिए। इससे आपको राहत मिल  जाएंगी। माथे के जिस हिस्से में सिर दर्द हो रहा हो। नाक के उसी  हिस्से पर सरसों के तेल की कुछ बूंदें। डालें और जोर से ऊपर को खींचे इससे आपको  सिर दर्द से राहत मिलेगी। 

दाल चीनी पुष्कर मूल

डाल चीनी  पानी के साथ महीन पीसकर पतला लेप लगाएं। इससे आपको  सिर दर्द से राहत मिलेगी। लेप सूख जाने के बाद में उसे हटा ले तीन चार बार लेप लगाएं। इसे लगाने से सिर दर्द तुरंत बंद हो जाती है। पुष्कर मूल एक कुदरती जड़ी बूटी है। इसे घीस का अपने सिर पर लगा ले। इसे लगाने से आपको सिर दर्द से राहत मिलेगी।