रविवार, 6 सितंबर 2020

कंप्यूटर की सीमाएँ- computer ki simaye

computer ki simaye


कंप्यूटर की सीमाएँ- computer ki simaye

कंप्यूटर के नाम से ही पता चलता है कि इससे हम जो भी कार्य करने वाले है वह सरलता से और बिना किसी गलती के होने वाला है | इस बात को लेकर किसी को कुछ संदेह नहीं होता है | कंप्यूटर मानव जीवन को सरल और सहजता लाने में अपना बहुमूल्य योगदान निभाया है | कंप्यूटर की इन्ही विशेषताओ के कारण ही आज हम लोग इतने शिखर तक पहुचे हैं | यह केवल एक मशीन की तरह माननीय पूर्णतयः पालन करता है | इसका निर्माण मनवो ने ही किया है | परन्तु इसकी बुधिमत्ता के आगे मानव की बुधि की कुछ कार्य प्रणाली सीमाए हैं | इनको जानना हमारे लिए बहुत आवश्यक है | चलिए जान लेते हैं |

कंप्यूटर की सीमाएँ

1. बुधिमत्ता का अभाव

कंप्यूटर का उपयोग केवल सीमित कार्यो के लिए संभव होता था | इसको हम मानवीय सामान्य बोध और दर्शन के प्रयोग में नहीं ला सकते थे | इससे कोई भी हल निकालना संभव नहीं होता था | क्योकि यह एक मशीन कि तरह ही कार्य करता था | इन निर्देशों को छोड़कर और कोई कार्य नहीं कर सकता | इससे ज्ञात होता है कि कंप्यूटर का दिमाग किसी मानव से कम नहीं है | हालाँकि इसे कृतिम रूप से बनाया गया है लेकिन दिमाग मनव की तरह विकसित किया गया है | इसे मानव के रूप मर वैज्ञानिको ने ही विकसित किया है | जब इनको कुछ ज्यादा सफलता मिली तब कंप्यूटर की बुधिमत्ता कुछ सीमित तक आ गयी | परन्तु फिर भी इसकी मानवीय बुधिमत्ता से तुलना नहीं हो पायेगी |

2. भावनाओ का अभाव

कंप्यूटर में मानव की तरह बुधिमत्ता तो होती है | लेकिन यह मानव कि तरह उनकी भावनाओ को नहीं समझ सकता | इसके जरिये हम अपने विचारो को आदान प्रदान कर सकते है | लेकिन लेकिन उन विचारो में निहित भावनाओ को नहीं दिखा सकते जैसे- अगर हम किसी को ईमेल के माध्यम से बधाईयाँ तो दे सकते हैं | लेकिन उन बधाईयों में अपनी भावनाओ को सम्मलित नहीं कर सकते हैं |

3. सामान्य बोध का अभाव

कंप्यूटर को वैज्ञानिको ने ही विकिसित किया है | इसलिए यह इनके दिमाग के आगे कुछ भी नहीं यह कुछ सीमा तक ही मानवों के समान व्यवहार कर सकता है | जिस प्रकार कोई भी रचना अपने रचानकर से बड़ी नहीं हो सकती | इसलिए कंप्यूटर और मानव की बुधिमत्ता में अंतर है | इनमे सोचने की क्षमता नहीं होती है यह मानव के सामान किसी भी प्रकार को बोध नहीं करता है | कंप्यूटर कोई भी कार्य करता है सत्य है असत्य यह मानव की तरह नहीं समझता है | यह सिर्फ अपने डाटा को हो प्रदर्शित करता है गलती का निस्तारण मानव ही करता है | कंप्यूटर कदापि नहीं कर सकता |



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